Solar Fencing Yojana 2026 :उत्तर प्रदेश के किसान है तो आपके लिए आज का यह ब्लॉग बहुत ही लाभकारी होने वाला है खेतों में खड़ी फसल को जंगली जानवरों से बचाना बुंदेलखंड के किसानों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। कई बार नीलगाय, जंगली सूअर और दूसरे जानवर रातोंरात किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इसी समस्या को देखते हुए सोलर फेंसिंग योजना में बड़ा बदलाव किया गया है।
इस योजना के तहत जो पहले 10 हेक्टेयर जमीन की पात्रता थी उसे घटाकर अब 5 हेक्टेयर कर दिया गया है
इस बदलाव से उन छोटे किसान समूहों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है, जो पहले जमीन और किसानों की निर्धारित संख्या पूरी नहीं होने के कारण योजना से बाहर रह जाते थे।
Solar Fencing Yojana 2026: नियमों में निम्न बदलाव हुए है
बुंदेलखंड एकीकृत कृषि विकास योजना के अंतर्गत संचालित सोलर फेंसिंग कार्यक्रम में किसानों की मांग को देखते हुए क्लस्टर के पुराने मानकों में बदलाव किया गया है।
पहले एक क्लस्टर बनाने के लिए कम से कम 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल और 5 किसानों का होना अनिवार्य था। अब इसे घटाकर 5 हेक्टेयर क्षेत्रफल और 2 किसानों का कर दिया गया है।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि कम जमीन वाले किसान भी आपस में मिलकर समिति बना सकेंगे और योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
Solar Fencing Yojana 2026: पहले और अब के नियमों में अंतर
| नियम | पहले | नए संशोधित मानक |
|---|---|---|
| न्यूनतम क्षेत्रफल | 10 हेक्टेयर | 5 हेक्टेयर |
| किसानों की संख्या | 5 किसान | 2 किसान |
| क्लस्टर गठन | 10 हेक्टेयर पर | 5 हेक्टेयर पर |

किसानों को कितना पैसा देना होगा?
इस योजना की एक और महत्वपूर्ण बात इसका अनुदान है।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, सोलर फेंसिंग परियोजना की कुल स्वीकृत लागत का 20 प्रतिशत हिस्सा किसान समिति को जमा करना होगा। बाकी 80 प्रतिशत धनराशि विभाग की ओर से समायोजित की जाएगी।
उदाहरण के लिए, यदि किसी परियोजना की स्वीकृत लागत 1 लाख रुपये है, तो उसमें किसान समिति का हिस्सा 20 हजार रुपये होगा और शेष 80 हजार रुपये विभागीय सहायता के रूप में समायोजित किए जाएंगे।
ध्यान रहे कि वास्तविक लागत और किसान का अंशदान परियोजना की स्वीकृति के अनुसार निर्धारित होगा।
किन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता?
खबर के अनुसार, ललितपुर जिले में पहले से 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल और 5 किसानों वाले क्लस्टर के रूप में जिन समितियों का चयन हो चुका है, उन्हें योजना में पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके बाद संशोधित मानकों के अनुसार पात्र नई किसान समितियां भी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकेंगी।
यानी अब छोटे किसान समूहों के लिए भी योजना में शामिल होने का अवसर बढ़ गया है।
सोलर फेंसिंग से किसानों को क्या फायदा होगा?
बुंदेलखंड में खेती करने वाले किसान जानते हैं कि फसल तैयार होने तक उसकी रखवाली करना कितना मुश्किल काम है। खासकर रात के समय जंगली जानवर खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।
ऐसी स्थिति में सोलर फेंसिंग किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
इसके प्रमुख फायदे हैं:
- खेतों में जंगली जानवरों की आवाजाही रोकने में मदद।
- फसल को नुकसान से बचाने में सहायता।
- रात में खेतों की रखवाली की परेशानी कम होना।
- किसानों की मेहनत और फसल की सुरक्षा।
- सौर ऊर्जा से संचालित सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग।
सोलर फेंसिंग योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान अपने जिले के कृषि विभाग कार्यालय या उप कृषि निदेशक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन करने से पहले इन बातों की जानकारी जरूर लें:
- आपके क्षेत्र में योजना के लिए आवेदन शुरू हुए हैं या नहीं।
- आपके पास कुल कितनी जमीन होनी चाहिए।
- किसान समिति बनाने की प्रक्रिया क्या है।
- आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज लगाने होंगे।
- किसान अंशदान कितना जमा करना होगा।
योजना में आवेदन और चयन की प्रक्रिया जिले के विभागीय लक्ष्य तथा स्वीकृति के अनुसार हो सकती है।
Solar Fencing Yojana 2026:ललितपुर में पहले से 32 स्थानों पर लग चुकी है सोलर फेंसिंग
समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, ललितपुर जिले में अब तक 32 स्थानों पर सोलर फेंसिंग स्थापित की जा चुकी है।
विभाग को उम्मीद है कि नए नियम लागू होने से अधिक किसान इस योजना से जुड़ सकेंगे।
Solar Fencing Yojana 2026: ऑनलाइन लिंक
सोलर फेंसिंग योजना 2026 के नए नियमानुसर आवेदन हेतु करना चाहते है तो आपको सीधे वेबसाइट का लिंक दिया गया है जिसे खोलकर आप सीधा आवेदन कर सकते हैं
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