Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2026: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना एक सरकारी कल्याण योजना है जिसका उद्देश्य निर्दोष , अनाथ ,अभावग्रस्त और जरूरतमंद बच्चों तथा किशोरों को आर्थिक ,शैक्षिक और सामाजिक सहायता प्रदान करना है , विशेष रूप से उन बच्चों को जिन्होंने अपने माता-पिता या अभिभावक को खो दिया है या कठिन पारिवारिक परिस्तिथियों का सामना कार रहें हैं |
कोरोना वायरस संक्रमण के कारण प्रतिदिन हमारे देश नई चुनोतियो का सामना करना पड रहा है | देश में कई सारे ऐसे बच्चे है जिनके माता पिता में से कोई एक या फिर दोनों माता-पिता की कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई है | उत्तर प्रदेश में भी लगभग 197 ऐसे बच्चो की पहचान की गई है जिनके माता पिता की मृत्यु हो गई एवं 1799 ऐसे बच्चों की पहचान की गई है जिनके माता पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई है | ऐसे सभी बच्चों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आरंभ की गई है | इस योजना के माध्यम से इन बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ -साथ कई अन्य सुविधाएँ भी प्रदान की जाएगी |जिससे वह अपना जीवन यापन कार सकें |
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की आरंभ किया गया है इस योजना के माध्यम से उन सभी बच्चों की मदद की जायगी जिनके माता -पिता की मृत्यु कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हो गई है | इस योजना को 30 मई 2021 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा आरंभ किया गया है |
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत बच्चों के पालन पोषण के लिए बच्चों की या फिर उसके अभिभावक को Rs. 4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जायगी |
Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2026: योजना के अंतर्गत लांच किया गया MBSY
देश में कोरोना वायरस के कारण अनाथ हुए बच्चों का भरण पोषण ,शिक्षा , एवं चिकित्सा का ध्यान रखने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया था | इस योजना के अंतर्गत विभाग की और से जमीनी स्तर पर कार्य किए जा रहें है | सरकार द्वारा इस महीने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का एम्आईएस पोर्टल लाँच करने का निर्णय लिया गया | एम्आईएस पर दो तरह की जानकारी उपलब्ध होगी | जिसमे निरीक्षक महिलाओं एवं बच्चों की एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों की जानकारी उपलब्ध होगी |
उत्तर प्रदेश में एस योजना के अंतर्गत पंजीकृत बच्चो ( कोविड -19 ) की संख्या 11049 है एवं यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्ती के अंतर्गत पंजीकृत बच्चों की संख्या 5200 है | पंजीकृत बच्चो से संबंधित सभी जानकारी दो पोर्टल पर उपलब्ध करवाई जायगी | जिसमे उनका पता , स्वास्थ्य कार्ड योजना से लाभवंती होना तथा अन्य जानकारी शामिल होगी |
कोविड-19 के कारण अनाथ हुई बालिकाओं के विवाह पर आर्थिक लाभ सहायता
सरकार द्वारा Mukhyamantri Bal Seva Yojna के अंतर्गत उन सभी बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जायंगी, जो कोविड -19 के कारण अनाथ हुई है | यह आर्थिक सहायता आवेदन के केवल 15 दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेजों की जाँच करके प्रदान की जायगी | इस बात के निर्देश महिला बाल विकास विभाग के मुख्य सचिव द्वारा प्रदान किए गए हैं | सभी चिन्हित बालिकाओं या उनके अभिभावक एवं संरक्षक इकाई से सीधे संपर्क कार सकते है | इस योजना के अंतर्गत शादी योग्य होने पर बालिकाओं को Rs. 101000 की राशि प्रदान की जायगी |
कोविड -19 वह सभी बालिकाएं जिनके विवाह 02 जून 2021 के बाद हुआ वह इस योजना के अंतर्गत आवेदन कार सकती है | इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विवाह होने की 90 दिन के अंदर अंदर आवेदन किया जाना अनिवार्य है | विवाह के समय वर की आयु 21 वर्ष एवं वधु की आयु 18 वर्ष या फिर इससे अधिक होनी चाहिए | सभी पात्र बालिकाओं द्वारा यह लाभ प्राप्त करने के लिए ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है | आवेदन करने के लिए ग्रमीण क्षेत्र से संबंधित ग्राम विकास अधिकारी , ग्राम पंचायत अधिकारी विकासखंड या प्रोबेशन अधिकरी के कार्यालय में जमा किया जा सकता है | एवं शहरी क्षेत्र में यह आवेदन संबंधित क्षेत्र के लेखपाल , तहसील , या जिला प्रोबेशन अधिकारी को जमा किया जा सकता है |
Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2026: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए आरंभ की गई है | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 22 जुलाई 2021 को इस योजना का शुभारंभ किया गया है | इस मोके पर प्रदेश की चिन्हित 4050 बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में प्रतिमाह Rs. 4000 के हिसाब से 3 माह के 12-12 हजार रूपये वितरित किये गई है | इस योजना के अंतर्गत अब कोरोना के अलावा दूसरी बीमारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया |
शादी के लिए आर्थिक सहायता एवं बच्चों को टेबलेट का वितरण
इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा आर्थिक सहायता से लेकर कई अन्य सुविधायें भी प्रदान की जा रही है | जिससे अनाथ हुए बच्चे अपना जीवन यापन कर सके |इस योजना के अंतर्गत सभी पात्र बालिकाओ की शादी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा Rs. 101000 की धनराशि प्रदान की जायगी | जो बच्चें स्कूल या कोलेजो में पढते उनको टैबलेट / लेपटोप मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से प्रदान किया जायगा |जिससे उनकी पढाई में रुकावट न आये |
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के उद्देश्य
- कोविड-19 के कारण माता-पिता/अभिभावक खो चुके बच्चों की सहायता करना
- ऐसे बच्चों को आर्थिक मदद देकर उनका सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना
- बच्चों की शिक्षा जारी रखने में सहयोग (स्कूल/कॉलेज, किताबें, फीस आदि)
- पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की सुविधाएँ उपलब्ध कराना
- बच्चों को सुरक्षित आवास और संरक्षण देना
- किशोरों के लिए कौशल विकास व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना
- बच्चों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक पुनर्वास सुनिश्चित करना

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की पात्रता
उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
बच्चे और उनके अभिभावक को राज्य का स्थायी निवासी प्रमाण (जैसे आधार कार्ड, निवास प्रमाण आदि) दिखाना होता है।
बच्चे की आयु सीमा:
- आम तौर पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे योजना में पात्र हैं।
- कुछ श्रेणियों में (जैसे उच्च शिक्षा/प्रतियोगी परीक्षा के लिए आगे पढ़ रहे किशोर) 18-23 वर्ष तक की आयु भी शामिल हो सकती है।
मृत्यु / अभिभावक की स्थिति:
बच्चे को आवेदन के लिए यह होना चाहिए कि:
- उसके माता और/या पिता मृत्युशीन हों (कोविड-19 या अन्य कारणों से), या
- उसके अभिभावक (legal guardian) का निधन हो गया हो, या
- परिवार में कमाने वाला अभिभावक न रहना (अर्थात् आर्थिक रूप से देखभाल जारी न रहना)।
आर्थिक स्थिति (Income Criteria):
जब केवल एक अभिभावक जीवित हो और दूसरा मृत हो, तब आमतौर पर सुरक्षित माता/पिता की वार्षिक आय ₹2,00,000 (लगभग) से कम होनी चाहिए।
(ध्यान दें: सरकारी वेबसाइट/आधिकारिक जारी नियमों में यह राशि या अधिकतम आय सीमा बदल सकती है।)
कानूनी रूप से गोद लिए बच्चों को भी पात्रता।
अगर बच्चे को कानूनी रूप से गोद लिया गया है (legally adopted), तो भी वह इस योजना का लाभ उठा सकता है।
विशेष सामाजिक स्थितियाँ भी शामिल हैं (सामान्य योजना के तहत):
कुछ मामलों में सरकार अन्य सामाजिक स्थितियों को भी पात्रता में रखती है, जैसे —
- माता-पिता या परिवार के मुखिया का जेल में होना,
- बाल श्रम/भिक्षावृत्ति/वैश्यावृत्ति से मुक्त किए गए बच्चे,
- परित्यक्ता/तलाकशुदा माताओं के बच्चे।
UP Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2022 के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज
- उत्तर प्रदेश के निबासी होने का निवसी प्रमाण पत्र
- बच्चे का आयु प्रमाण पत्र
- 2019 से मृत्यु का साक्ष्य
- बच्चे एवं अभिभावक की नवीनतम फोटो सहित पूर्व आवेदन
- माता पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- शिक्षण संस्थान में रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र
- आवेदन पत्र
- माता पिता व संरक्षक का मृत्यु प्रमाण पत्र
- कोविड 19 से मृत्यु होने का प्रमाण
- बल एवं अधिक आयु प्रमाण पत्र
- 2015 की धारा 94 में उल्लेखित प्रमाण पत्रों के अतिरिक्त परिवार रजिस्टर की नक़ल
- आयु प्रमाण पत्र
- विवाह की तिथि नियत होने या विवाह संपन्न होने से संबंधित अभिलेख
- विवाह प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बालिका एवं उसके अभिभाकाक की फोटो
Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2026 : Important Links
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