UP Solar Fencing Yojana 2026: सोलर फेंसिंग पर 80% अनुदान, 6 फीट मॉडल की बुकिंग शुरू, जानें पूरी जानकारी


UP Solar Fencing Yojana 2026 क्या है?

उत्तर प्रदेश में किसानों की फसलों को आवारा पशुओं, नीलगाय तथा अन्य जंगली जानवरों से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग योजना लागू की गई है। इस व्यवस्था के तहत खेतों के चारों तरफ सोलर ऊर्जा से चलने वाली फेंसिंग लगाई जाती है, जिससे जानवर खेत में प्रवेश करने से पहले ही तारबंदी के कारण रुकते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2024-25 के बजट में मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना के लिए ₹50 करोड़ का प्रावधान किया था। बजट दस्तावेज में इसका उद्देश्य सोलर फेंसिंग के माध्यम से फसलों को जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से सुरक्षा देना बताया गया था।

इसके अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि विभाग के माध्यम से क्लस्टर आधारित सोलर फेंसिंग व्यवस्था लागू की गई, जिसमें किसानों को कुल लागत का 80 प्रतिशत तक अनुदान और शेष 20 प्रतिशत राशि किसान समूह द्वारा वहन करने की व्यवस्था बताई गई है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योजना सामान्य तौर पर किसी एक किसान के लिए अकेले खेत में फेंसिंग लगवाने वाली योजना नहीं है। बुंदेलखंड की लागू व्यवस्था में किसानों को क्लस्टर या समूह बनाकर आवेदन करना होता है।


अभी Solar Fencing Booking की सबसे बड़ी खबर क्या है?

वर्तमान में उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के Agri Darshan Portal के Booking मॉड्यूल में किसान रजिस्ट्रेशन नंबर से उपलब्ध योजनाओं/सामग्री को देख सकते हैं।

ध्यान रखें कि हर किसान के पोर्टल पर एक जैसी योजना दिखाई दे, यह जरूरी नहीं है। उपलब्धता जिला, ब्लॉक, लक्ष्य, किसान रजिस्ट्रेशन और विभाग द्वारा खोली गई Booking Window पर निर्भर कर सकती है।


Solar Fencing Yojana में कितना अनुदान मिलता है?

बुंदेलखंड की क्लस्टर आधारित सोलर फेंसिंग व्यवस्था में 80 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान और लगभग 20 प्रतिशत किसान अंश की व्यवस्था बताई गई है।

अर्थात योजना में चयनित क्लस्टर की स्वीकृत लागत का अधिकांश हिस्सा सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिया जाता है, जबकि शेष राशि संबंधित किसान समूह को जमा करनी होती है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।

80 प्रतिशत का मतलब यह नहीं है कि हर किसान को व्यक्तिगत रूप से किसी निश्चित रकम का 80 प्रतिशत मिलेगा।

पहले क्लस्टर का चयन होता है, फिर जमीन और आवश्यक फेंसिंग की लंबाई का सत्यापन किया जाता है और उसके बाद वास्तविक लागत, अनुमन्य अनुदान तथा किसान अंश निर्धारित किया जाता है।


Solar Fencing के लिए कितने किसानों का समूह चाहिए?

बुंदेलखंड में लागू योजना की जिला-स्तरीय सूचनाओं के अनुसार सामान्यतः:

  • न्यूनतम 5 किसानों का समूह
  • लगभग 10 से 20 हेक्टेयर का क्लस्टर
  • क्लस्टर के किसानों द्वारा समिति का गठन
  • एक किसान को अध्यक्ष/लीडर बनाया जाता है
  • कृषि विभाग का कर्मचारी समिति के सचिव की भूमिका में हो सकता है

ललितपुर में भी कृषि विभाग से संबंधित प्रकाशित सूचना में 10 से 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले न्यूनतम पांच किसानों के क्लस्टर को 80 प्रतिशत अनुदान दिए जाने की जानकारी दी गई थी।

इसलिए यदि कोई किसान अकेले अपने 1 या 2 बीघे खेत के लिए इस योजना में व्यक्तिगत आवेदन करने की सोच रहा है, तो उसे पहले अपने क्षेत्र की वर्तमान शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए।


10 हेक्टेयर कितनी जमीन होती है?

योजना में 10 हेक्टेयर का क्लस्टर महत्वपूर्ण है।

1 हेक्टेयर = लगभग 2.47 एकड़

इस हिसाब से:

10 हेक्टेयर = लगभग 24.7 एकड़

उत्तर प्रदेश में बीघा का आकार क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए बीघा में सटीक गणना जिले के स्थानीय भूमि माप के अनुसार करनी चाहिए।

पुरानी जिला-स्तरीय रिपोर्टों में 10 से 20 हेक्टेयर के क्लस्टर को लगभग 70 से 140 बीघे के क्षेत्रफल के रूप में भी बताया गया है।


Solar Fencing के कितने मॉडल हैं?

कृषि विभाग से संबंधित प्रकाशित जानकारी के अनुसार सोलर फेंसिंग के तीन मॉडल तैयार किए गए हैं।

मॉडलऊंचाईअनुमानित लागत80% अनुदानलगभग किसान अंश
Model 15 फीट₹10.87 लाख₹8.69 लाख₹2.18 लाख
Model 26 फीट₹11.64 लाख₹9.31 लाख₹2.33 लाख
Model 37 फीटलगभग ₹8.79 लाख₹7.03 लाख₹1.76 लाख

इन आंकड़ों को जिला-स्तरीय कृषि विभाग संबंधी प्रकाशित जानकारी में अनुमानित लागत के रूप में बताया गया है। वास्तविक स्वीकृति और किसान अंश स्थल सत्यापन तथा स्वीकृत फेंसिंग लंबाई के आधार पर बदल सकता है।

Model 1 – 5 Feet

इस मॉडल की अनुमानित लागत लगभग ₹10.87 लाख बताई गई है।

इसमें लगभग:

  • सरकारी अनुदान: ₹8.69 लाख
  • किसान अंश: ₹2.18 लाख

बताया गया है।

Model 2 – 6 Feet

यह आपके स्क्रीनशॉट में दिखाई देने वाला मॉडल है।

Solar Fencing Model 2 – 6 Feet

इसकी प्रकाशित अनुमानित लागत:

₹11.64 लाख

बताई गई है।

80 प्रतिशत अनुदान:

लगभग ₹9.31 लाख

और 20 प्रतिशत किसान अंश:

लगभग ₹2.33 लाख

बताया गया है।

Model 3 – 7 Feet

तीसरे मॉडल को 7 फीट ऊंचाई का बताया गया है।

जालौन से संबंधित कृषि विभाग की प्रकाशित जानकारी में इसकी अनुमानित लागत ₹8.79 लाख, 80 प्रतिशत अनुदान ₹7.03 लाख और किसान अंश ₹1.76 लाख बताया गया है।

हालांकि कुछ पुरानी समाचार रिपोर्टों में इस मॉडल की अनुमानित लागत ₹8.97 लाख भी प्रकाशित हुई थी। इसलिए किसान को केवल इंटरनेट पर प्रकाशित पुराने आंकड़े के आधार पर पैसा जमा नहीं करना चाहिए। अंतिम राशि विभाग के स्वीकृति पत्र/वास्तविक आगणन से ही मान्य मानी जानी चाहिए।


6 फीट Solar Fencing Model 2 में क्या-क्या मिलता है?

कृषि विभाग से संबंधित जानकारी में सोलर फेंसिंग के कंपोजिट मॉडल में आवश्यक सामग्री जैसे:

  • सोलर पैनल
  • बैटरी
  • फेंसिंग वायर
  • गेट
  • खंभे/इंगल
  • अन्य आवश्यक फेंसिंग सामग्री

का प्रावधान बताया गया है।

आपके स्क्रीनशॉट में भी Model 2 – 6 Feet के लिए Booking का विकल्प दिखाई दे रहा है।


Solar Fencing में 1500 रनिंग मीटर का क्या मतलब है?

क्लस्टर आधारित योजना में लगभग 1500 रनिंग मीटर तक सोलर फेंसिंग की अनुमानित सुविधा का उल्लेख किया गया है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर क्लस्टर को हर स्थिति में ठीक 1500 मीटर की फेंसिंग मिलेगी।

वास्तविक फेंसिंग लंबाई:

  • किसानों की जमीन
  • खेत की सीमा
  • स्थल सत्यापन
  • स्वीकृत क्षेत्र
  • वास्तविक आवश्यकता

के आधार पर निर्धारित की जा सकती है।

जालौन से संबंधित कृषि विभाग की प्रकाशित जानकारी में स्पष्ट किया गया है कि वास्तविक फेंसिंग लंबाई का स्थल सत्यापन और अभिलेखों के सत्यापन के बाद क्षेत्रफल के अनुसार अनुदान निर्धारित किया जाएगा।


Solar Fencing के साथ 500 सहजन के पौधे क्यों लगाए जाएंगे?

इस योजना की एक खास बात यह है कि चयनित क्लस्टर में सोलर फेंसिंग के साथ लगभग 500 सहजन के पौधों के रोपण का भी प्रावधान बताया गया है।

इसका उद्देश्य केवल फसल सुरक्षा नहीं बल्कि:

  • कृषि वानिकी को बढ़ावा देना
  • भूमि संरक्षण
  • जल संरक्षण
  • जैविक/हरित आवरण बढ़ाना
  • भविष्य में अतिरिक्त आय की संभावना

जैसे उद्देश्यों से भी जुड़ा है।

ललितपुर और जालौन से संबंधित रिपोर्टों में प्रत्येक चयनित क्लस्टर में 500 सहजन के पौधे लगाए जाने की जानकारी दी गई है।


किन किसानों को Solar Fencing Yojana का लाभ मिलेगा?

बुंदेलखंड की क्लस्टर आधारित व्यवस्था के अनुसार किसान को सामान्यतः निम्न शर्तों को पूरा करना पड़ सकता है:

  1. किसान उत्तर प्रदेश का कृषक होना चाहिए।
  2. योजना वाले क्षेत्र/जनपद में कृषि भूमि होनी चाहिए।
  3. किसानों का समूह बनना आवश्यक है।
  4. क्लस्टर में न्यूनतम 5 किसान होने चाहिए।
  5. क्लस्टर का क्षेत्रफल लगभग 10 हेक्टेयर या उससे अधिक होना चाहिए।
  6. भूमि के वैध अभिलेख उपलब्ध होने चाहिए।
  7. किसान का कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण होना चाहिए।
  8. भूमि और किसान का विवरण पोर्टल पर स्वीकार होना चाहिए।
  9. विभाग द्वारा स्थल सत्यापन किया जा सकता है।
  10. निर्धारित लक्ष्य के अंदर चयन होना आवश्यक है।

ललितपुर में 2025 में कई आवेदन इसलिए निरस्त हुए थे क्योंकि कुछ मामलों में जमीन का विवरण शून्य था, किसान पंजीकरण नहीं था या पोर्टल पर किसान पंजीकरण स्वीकार नहीं हुआ था।

इससे यह स्पष्ट होता है कि सिर्फ समूह बना लेना पर्याप्त नहीं है। किसान और भूमि का ऑनलाइन रिकॉर्ड भी सही होना जरूरी है।


क्या FPO के किसानों को भी लाभ मिलेगा?

हां, प्रकाशित योजना विवरणों में FPO यानी Farmer Producer Organization के लिए भी लक्ष्य का एक हिस्सा निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है।

जालौन से संबंधित जानकारी में जनपद के निर्धारित लक्ष्य का 25 प्रतिशत हिस्सा सक्रिय FPO के लिए आरक्षित/मात्राकृत किए जाने का उल्लेख है।

इसलिए यदि किसान किसी पात्र FPO से जुड़े हैं तो उन्हें अपने FPO और कृषि विभाग से वर्तमान चयन प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।


Solar Fencing Yojana में चयन कैसे होगा?

इस विषय में अलग-अलग समय पर प्रकाशित जिला-स्तरीय सूचनाओं में पहले आओ पहले पाओ और लक्ष्य से अधिक आवेदन होने पर लॉटरी/ई-लॉटरी दोनों प्रकार की प्रक्रिया का उल्लेख मिलता है।

उदाहरण के लिए ललितपुर की रिपोर्ट में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभ लेने की बात कही गई, जबकि बांदा की रिपोर्ट में लक्ष्य से अधिक आवेदन होने पर ई-लॉटरी की संभावना बताई गई थी।

इसलिए किसान को अपने जिले के वर्तमान पोर्टल/कृषि विभाग के निर्देश को अंतिम मानना चाहिए।

आपके स्क्रीनशॉट में Booking Type FIFO दिखाई दे रहा है।

FIFO का सामान्य अर्थ है:

First In, First Out

अर्थात बुकिंग क्रम के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।


Solar Fencing के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

योजना की जिला-स्तरीय प्रक्रिया को देखते हुए किसानों को सामान्यतः निम्न दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

  • आधार कार्ड
  • किसान पंजीकरण विवरण
  • भूमि/खतौनी की जानकारी
  • बैंक खाते की जानकारी
  • बैंक पासबुक
  • मोबाइल नंबर
  • क्लस्टर के किसानों की सूची
  • समिति/क्लस्टर से संबंधित विवरण
  • FPO से जुड़े होने पर FPO संबंधित दस्तावेज
  • अन्य दस्तावेज जो कृषि विभाग द्वारा मांगे जाएं

दस्तावेजों की अंतिम सूची जिले और वर्तमान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के अनुसार अलग हो सकती है।


UP Agriculture Portal पर Solar Fencing Booking कैसे देखें?

किसान सबसे पहले Agri Darshan Portal पर जा सकते हैं।

इसके बाद उपलब्ध Booking/Seed मॉड्यूल में किसान के रूप में आगे बढ़कर रजिस्ट्रेशन नंबर से उपलब्ध विकल्प देखे जा सकते हैं।

आपके दिए गए स्क्रीनशॉट के अनुसार प्रक्रिया में:

Booking → किसान → पंजीकरण संख्या → खोज

करने के बाद उपलब्ध विकल्पों की सूची दिखाई देती है।

यदि आपके किसान पंजीकरण के सामने:

Solar Fencing Model 2

या

MODEL 2 6 FEET

दिख रहा है और उसके सामने Book Now बटन है, तो आगे की बुकिंग प्रक्रिया उसी विकल्प से शुरू की जा सकती है।

Agri Darshan का Booking Portal


Book Now दबाने के बाद क्या होगा?

Book Now के बाद दिखाई देने वाले अगले चरण जिले और वर्तमान पोर्टल कॉन्फिगरेशन के अनुसार अलग हो सकते हैं।

सामान्य रूप से किसान से:

  1. किसान/समूह की जानकारी
  2. क्लस्टर से संबंधित विवरण
  3. भूमि का विवरण
  4. चयनित मॉडल
  5. फेंसिंग की आवश्यक लंबाई
  6. किसान अंश
  7. आवश्यक दस्तावेज
  8. घोषणा/सहमति

जैसी जानकारी मांगी जा सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात: Book Now दिखाई देने का अर्थ यह नहीं है कि फेंसिंग तुरंत स्वीकृत हो गई।

पहले विभागीय स्तर पर पात्रता, लक्ष्य, भूमि और अन्य विवरणों का सत्यापन हो सकता है।


किसान को 80% अनुदान कैसे मिलेगा?

मान लीजिए किसी चयनित क्लस्टर के लिए विभाग द्वारा Model 2 की लगभग ₹11.64 लाख की लागत स्वीकृत होती है।

अनुमानित गणना:

कुल लागत = ₹11.64 लाख

80% सरकारी अनुदान = लगभग ₹9.31 लाख

20% किसान अंश = लगभग ₹2.33 लाख

लेकिन यह केवल मॉडल की प्रकाशित अनुमानित लागत के आधार पर उदाहरण है।

यदि स्थल सत्यापन के बाद फेंसिंग की वास्तविक लंबाई या स्वीकृत लागत बदलती है, तो किसान अंश और अनुदान की वास्तविक राशि भी बदल सकती है।

इसलिए ₹2.33 लाख को हर किसान द्वारा व्यक्तिगत रूप से जमा की जाने वाली राशि न समझें।

यह मॉडल/क्लस्टर स्तर की अनुमानित राशि है।


क्या Solar Fencing पूरे उत्तर प्रदेश में लागू है?

यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है।

2024-25 के राज्य बजट में मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना को प्रदेश के समस्त जनपदों में सोलर फेंसिंग के लिए प्रोत्साहन देने वाली योजना के रूप में बजटित किया गया था।

लेकिन वर्तमान में जो 80 प्रतिशत, 10–20 हेक्टेयर क्लस्टर, 5 किसान और तीन मॉडल वाली विस्तृत व्यवस्था स्पष्ट रूप से जिला-स्तर की रिपोर्टों में मिलती है, वह विशेष रूप से बुंदेलखंड के सात जिलों से जुड़ी हुई है।

ये सात जिले हैं:

जिलाप्रकाशित क्लस्टर लक्ष्य
बांदा145
चित्रकूट92
हमीरपुर118
महोबा79
ललितपुर104
जालौन160
झांसी145
कुल843

2025 की प्रकाशित रिपोर्ट में इन सात जिलों के 49 विकासखंडों के लिए कुल 843 क्लस्टर का लक्ष्य बताया गया था।

2026 की रिपोर्टों में भी बुंदेलखंड क्षेत्र में 80 प्रतिशत अनुदान वाली सोलर फेंसिंग योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की जानकारी प्रकाशित हुई थी।


2026 में आवेदन की स्थिति क्या रही?

मार्च 2026 में जालौन/उरई क्षेत्र से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार किसानों को 10 हेक्टेयर के क्लस्टर में आवेदन करने और 80 प्रतिशत तक अनुदान लेने का मौका दिया गया था। उस रिपोर्ट में आवेदन की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 बताई गई थी।

लेकिन आपके द्वारा दिखाए गए 30 अक्टूबर 2026 के वर्तमान पोर्टल स्क्रीनशॉट में ललितपुर के बार ब्लॉक के लिए Solar Fencing Model 2 पर Book Now दिखाई दे रहा है।

इसलिए पुराने 31 मार्च या 31 दिसंबर जैसे dates को आज की अंतिम तारीख समझना सही नहीं होगा।

वर्तमान Booking Status किसान के रजिस्ट्रेशन और पोर्टल पर दिखाई दे रहे विकल्प से ही जांचना चाहिए।


Solar Fencing के आवेदन क्यों रिजेक्ट हो सकते हैं?

ललितपुर में 2025 में 150 क्लस्टर के आवेदन आने के बाद केवल 50 क्लस्टर चयनित होने की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।

लगभग 100 आवेदन निम्न कारणों से निरस्त बताए गए:

  • जमीन का विवरण शून्य होना
  • किसान का पंजीकरण न होना
  • पोर्टल पर किसान पंजीकरण स्वीकार न होना
  • दस्तावेजों में कमी

यह उदाहरण बताता है कि योजना में आवेदन करने से पहले किसान को अपना कृषि पंजीकरण और भूमि रिकॉर्ड सही रखना चाहिए।


Solar Fencing से किसानों को क्या फायदा होगा?

इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य फसल को जानवरों से बचाना है।

इससे विशेष रूप से:

  • आवारा गोवंश
  • नीलगाय
  • अन्य जंगली जानवर
  • खेत में घुसने वाले पशु

से फसल को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

बुंदेलखंड में जंगली जानवरों और निराश्रित पशुओं के कारण खेती को होने वाले नुकसान को देखते हुए यह योजना लागू की गई है। 2026 की एक स्वतंत्र रिपोर्ट में भी बुंदेलखंड के सात जिलों में इस योजना के क्लस्टर आधारित स्वरूप और 80 प्रतिशत अनुदान का उल्लेख किया गया है।

हालांकि सोलर फेंसिंग हर प्रकार के जानवर के खिलाफ 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं है। जमीन की बनावट, फेंसिंग की डिजाइन, रखरखाव और जानवर के प्रकार के आधार पर प्रभाव अलग हो सकता है।


किसान के लिए सबसे जरूरी सावधानियां

Solar Fencing Yojana का लाभ लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:

1. किसी एजेंट को पहले से पैसा न दें

यदि कोई व्यक्ति यह कहकर पैसा मांगता है कि वह योजना में पक्का चयन करा देगा, तो सावधान रहें।

2. केवल आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी देखें

Agri Darshan Portal पर अपने किसान पंजीकरण से उपलब्ध Booking विकल्प जांचें।

3. 80 प्रतिशत को व्यक्तिगत कैश सब्सिडी न समझें

यह योजना क्लस्टर आधारित है और वास्तविक लागत/अनुदान विभागीय स्वीकृति के आधार पर तय हो सकता है।

4. भूमि रिकॉर्ड सही रखें

ललितपुर में भूमि संबंधी रिकॉर्ड की समस्या के कारण आवेदन निरस्त होने की रिपोर्ट सामने आई थी।

5. वास्तविक किसान अंश स्वीकृति पत्र से देखें

Model 2 की ₹2.33 लाख वाली राशि केवल प्रकाशित अनुमानित क्लस्टर लागत पर आधारित है। वास्तविक किसान अंश विभागीय स्वीकृति के अनुसार होगा।


UP Solar Fencing Yojana 2026: एक नजर में

जानकारीविवरण
योजनाSolar Fencing Yojana
उद्देश्यफसलों को आवारा एवं जंगली जानवरों से सुरक्षा
क्षेत्रविशेष रूप से बुंदेलखंड की क्लस्टर आधारित व्यवस्था
प्रमुख जिलेबांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर, जालौन, झांसी
समूहसामान्यतः न्यूनतम 5 किसान
क्लस्टरलगभग 10–20 हेक्टेयर
अनुदान80% तक
किसान अंशलगभग 20%
मॉडल5 फीट, 6 फीट, 7 फीट
Model 26 फीट
Model 2 अनुमानित लागत₹11.64 लाख
Model 2 अनुमानित अनुदान₹9.31 लाख
Model 2 अनुमानित किसान अंश₹2.33 लाख
अनुमानित फेंसिंगऔसतन 1500 रनिंग मीटर तक
सहजन पौधेलगभग 500 प्रति चयनित क्लस्टर
ऑनलाइन पोर्टलAgri Darshan
चयनलक्ष्य और जिले की प्रक्रिया के अनुसार

Frequently Asked Questions

क्या UP Solar Fencing Yojana 2026 में 80% सब्सिडी मिलती है?

बुंदेलखंड की क्लस्टर आधारित सोलर फेंसिंग व्यवस्था में 80 प्रतिशत तक अनुदान और 20 प्रतिशत किसान अंश की जानकारी कृषि विभाग से संबंधित जिला-स्तरीय सूचनाओं में दी गई है।

क्या एक किसान अकेले आवेदन कर सकता है?

सामान्य क्लस्टर आधारित व्यवस्था में अकेले किसान के बजाय न्यूनतम पांच किसानों का समूह और लगभग 10 हेक्टेयर का क्लस्टर आवश्यक बताया गया है।

Solar Fencing Model 2 क्या है?

Model 2 को 6 फीट ऊंचाई वाला मॉडल बताया गया है। इसकी अनुमानित क्लस्टर लागत ₹11.64 लाख और 80 प्रतिशत अनुदान लगभग ₹9.31 लाख बताया गया है।

Model 2 में किसान को कितना पैसा देना होगा?

प्रकाशित अनुमान के अनुसार 20 प्रतिशत किसान अंश लगभग ₹2.33 लाख है। लेकिन यह क्लस्टर की अनुमानित लागत है। वास्तविक किसान अंश विभागीय सत्यापन और स्वीकृति के बाद तय होगा।

क्या ललितपुर में Solar Fencing उपलब्ध है?

आपके 30 अक्टूबर 2026 के पोर्टल स्क्रीनशॉट में ललितपुर के बार ब्लॉक के लिए Solar Fencing Model 2 – 6 Feet के सामने Book Now दिखाई दे रहा है। इसलिए कम से कम उस किसान रजिस्ट्रेशन/क्षेत्र में Booking विकल्प उपलब्ध दिखाई देता है।

क्या बुंदेलखंड के सभी जिलों में योजना लागू है?

प्रकाशित जानकारी के अनुसार बुंदेलखंड के सात जिले बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर, जालौन और झांसी इस क्लस्टर आधारित योजना में शामिल रहे हैं।

क्या 500 सहजन के पौधे भी मिलेंगे?

चयनित क्लस्टर में सोलर फेंसिंग के साथ लगभग 500 सहजन के पौधों के रोपण का प्रावधान प्रकाशित जिला-स्तरीय जानकारी में दिया गया है।

क्या Solar Fencing की बुकिंग अभी खुली है?

सभी जिलों के लिए एक समान स्थिति नहीं कही जा सकती। आपके दिए गए वर्तमान स्क्रीनशॉट में ललितपुर के बार ब्लॉक में Model 2 के सामने Book Now दिखाई दे रहा है। इसलिए किसान को अपने पंजीकरण नंबर से पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प जांचना चाहिए।


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