PMFBY ONLINE APPLY 2026: भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ करोड़ों किसानों की आजीविका खेती पर निर्भर करती है। लेकिन खेती पूरी तरह प्राकृतिक परिस्थितियों पर आधारित होने के कारण किसानों को हर वर्ष सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, अत्यधिक वर्षा, कीट एवं रोग जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की पूरी फसल नष्ट हो जाती है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana – PMFBY) की शुरुआत की। यह योजना किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है और खेती को सुरक्षित एवं टिकाऊ बनाने का प्रयास करती है। यह योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है और देशभर में अधिसूचित फसलों एवं क्षेत्रों में लागू है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) भारत सरकार की प्रमुख फसल बीमा योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2016 में किसानों को कम प्रीमियम पर व्यापक फसल बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के अंतर्गत किसानों की अधिसूचित फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, मौसम संबंधी जोखिमों, कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान के विरुद्ध बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य केवल मुआवजा देना नहीं, बल्कि किसानों की आय को स्थिर रखना, खेती में निवेश बढ़ाना और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
PMFBY के अंतर्गत किसान बहुत कम प्रीमियम का भुगतान करते हैं, जबकि शेष प्रीमियम का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारें वहन करती हैं। इसी कारण यह योजना देश की सबसे किफायती और व्यापक फसल बीमा योजनाओं में से एक मानी जाती है।
PMFBY ONLINE APPLY 2026 क्यों महत्वपूर्ण है?
वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है। कई राज्यों में असमय बारिश, सूखा, बाढ़ और ओलावृष्टि जैसी घटनाएँ सामान्य होती जा रही हैं। ऐसी परिस्थितियों में किसानों के लिए फसल बीमा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
PMFBY 2026 किसानों को निम्न लाभ प्रदान करती है—
- प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की आर्थिक भरपाई
- खेती जारी रखने के लिए वित्तीय सुरक्षा
- कृषि ऋण चुकाने में सहायता
- किसानों की आय में स्थिरता
- आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन
- खेती से जुड़े जोखिमों में कमी
PMFBY ONLINE APPLY 2026 का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार चाहती है कि यदि किसी कारणवश किसान की फसल खराब हो जाए तो वह आर्थिक संकट में न आए और अगले सीजन में पुनः खेती कर सके।
योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं—
- फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सहायता देना।
- किसानों की आय को स्थिर बनाए रखना।
- कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना।
- किसानों को आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना।
- कृषि उत्पादन एवं खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाना।
- प्राकृतिक जोखिमों के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करना।
PMFBY 2026 की प्रमुख विशेषताएँ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसानों को कम प्रीमियम पर अधिक बीमा सुरक्षा मिलती है।
मुख्य विशेषताएँ:
- पूरे भारत में अधिसूचित क्षेत्रों में लागू।
- सभी पात्र किसानों के लिए उपलब्ध।
- ऋणी एवं गैर-ऋणी दोनों किसान आवेदन कर सकते हैं।
- प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है।
- ऑनलाइन आवेदन एवं क्लेम ट्रैकिंग की सुविधा।
- मोबाइल ऐप एवं ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध।
- तकनीक आधारित फसल आकलन।
- प्रत्यक्ष लाभ बैंक खाते में।
किन फसलों का बीमा किया जाता है?
PMFBY के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की अधिसूचित फसलें शामिल की जाती हैं, जैसे—
खाद्यान्न फसलें
- गेहूँ
- धान
- जौ
- मक्का
- बाजरा
दलहन
- चना
- अरहर
- उड़द
- मूंग
तिलहन
- सरसों
- सोयाबीन
- मूंगफली
- तिल
- सूरजमुखी
व्यावसायिक एवं बागवानी फसलें
- गन्ना (राज्य अधिसूचना के अनुसार)
- कपास
- आलू
- प्याज
- टमाटर
- अन्य अधिसूचित बागवानी फसलें
फसलों की अंतिम सूची प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा मौसम और अधिसूचना के अनुसार जारी की जाती है।

किन परिस्थितियों में बीमा का लाभ मिलता है?
PMFBY केवल फसल कटने के बाद के नुकसान तक सीमित नहीं है। इसमें खेती के कई चरणों को कवर किया जाता है।
योजना के अंतर्गत निम्न परिस्थितियों में बीमा लाभ मिल सकता है—
1. बुआई न हो पाना
यदि अत्यधिक सूखा या प्रतिकूल मौसम के कारण किसान बुआई नहीं कर पाता।
2. खड़ी फसल का नुकसान
- सूखा
- बाढ़
- जलभराव
- चक्रवात
- ओलावृष्टि
- तेज हवा
- बिजली गिरना
- प्राकृतिक आग
- कीट एवं रोग
3. कटाई के बाद नुकसान
कटाई के बाद सीमित अवधि तक खेत में रखी फसल यदि चक्रवात, ओलावृष्टि या असमय वर्षा से प्रभावित होती है, तो निर्धारित शर्तों के अनुसार बीमा लाभ मिल सकता है।
4. स्थानीय प्राकृतिक आपदा
कुछ स्थानीय आपदाएँ जैसे ओलावृष्टि, भूस्खलन या जलभराव से प्रभावित खेतों के लिए भी प्रावधान उपलब्ध हैं।
PMFBY ONLINE APPLY 2026 किसानों को कितना प्रीमियम देना पड़ता है?
PMFBY की सबसे बड़ी विशेषता इसका कम प्रीमियम है।
- खरीफ फसल – बीमित राशि का 2%
- रबी फसल – बीमित राशि का 1.5%
- व्यावसायिक एवं बागवानी फसल – 5%
शेष प्रीमियम का भुगतान केंद्र और राज्य सरकारें करती हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम रहता है।
किसानों को क्या लाभ मिलता है?
यदि किसान की फसल प्राकृतिक कारणों से खराब हो जाती है, तो योजना के तहत निर्धारित नियमों के अनुसार बीमा दावा (क्लेम) का भुगतान किया जाता है। इससे किसान अगली फसल की तैयारी कर सकता है, कृषि ऋण का दबाव कम होता है और उसकी आर्थिक स्थिति को सहारा मिलता है।
डिजिटल सुविधाएँ
PMFBY को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। किसान ऑनलाइन पंजीकरण, आवेदन की स्थिति, बीमा पॉलिसी, प्रीमियम कैलकुलेटर और क्लेम की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर प्राप्त कर सकते हैं।
फसल बीमा फॉर्म भरने के लिए आवेदन लिंक
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